21257122571modify कलम ने जब दुबारा लिखाक्योंइसक़दरकलमनेतुम्हेंलिखाथा…जिसक़दरतुमनेअपनेआपको…इंसानकेअंदरकेहरपहलूकोकलमनेसमझाथा…जैसेतुमनेखुदको…पर — क्योंतुमनेकलमकोउसदिनहाथोंमेंनहींपाया,जिसदिनतुमनेखुदकोएकअलगइंसानमेंपायाथा…फिरएकपर्देकेपीछेतुमआगए,औरतुम्हारेभीतरछुपाएकभागभीआगया।वोभाग — जिसेलिखनेवालासमझागयाथा,लिखाथाउसने… — लेकिनसमझातुमनेअपनेकलमसेथा।कलमनेलब्ज़कोसादगीसेदोबारापकड़ा…तुमनेअपनेआपकोफिरसेपाया —एकदिन, जबदोनोंखूबसूरतीसेउसकेसाथआए…उसदिनतुमनेखुदकोमजबूतहाथोंमेंपाया…उसदिनतुमनेखुदकोफिरसेपूरापाया…फिरसेखुदकोपूरापाया…फिरसेखुदकोपूरापाया…— AmanLabelDirected by द्वारा Aman kumarShared01 Dec 2025Start30 Nov 2025End30 Nov 2030 The Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैंटिप्पणी लिखेंकुसुम सुराणा04-Dec-2025CommentLikeबहुत खूब कलम ने जब दुबारा लिखा© टिप्पणी400 characters remainingजमा करेंरद्द करें