राम
06 Apr 2025
🎍🚩🕉️🚩🎍कभी जलधि के सम्मुख तनकर क्रोध अग्नि से निखरे रामगोद में रख अनुज लखन को बिलख बिलख कर बिखरे रामयूं ही नहीं हुए पुरुषोत्तम, थीं पग पग कठिन परीक्षाएंप्रण…
बोझ तुम्हारी यादों का : हरवंश हृदय
28 Mar 2025
झुकी झुकी सी पलकों पर है बोझ तुम्हारी यादों काझूठी रह गई कसमों का … रह गए अधूरे वादों काअब तो संभल गया हूं लेकिन जब था मैं गर्दिश मेंक्या ही मान रखा तब तुमने मे…
दो नाव पर रहे हरवंश हृदय
01 Mar 2025
जरूरत पड़ी तो धूप नहीं तो छांव में रहे बेगैरत हैं वो लोग जो दो नाव में रहे हमने तो सौंप दी दिल की सल्तनत उन्हें अफसोस कि वो फिर भी चुनाव में रहे स…
मैं आदमी असरदार हूं ... हरवंश हृदय
12 Feb 2025
मैं आदमी असरदार हूं****************** मुझको नहीं फिकर कोईन जीत की न हार कीबस एक ही डगर चलासेवा समर्पण प्यार कीछल छिद्र कपट से परेमुश्किलों से बिना डरेटकराने को…
सादर आभार 🙏
सादर आभार आदरणीया 💐🙏💐
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