न चाहता हूँ तुम रुको , न चाहता हूँ मैं रुकूं।
23 Mar 2026
एक बार फिर से वो पुरानी हर याद ताज़ा हो गयी,फिर दिल सजाया हाथ में फ़रियाद ताज़ा हो गयी,कैसे कहूँ कि देखकर वर्षों पुरानी वो हंसी ख़ुश हूँ या ग़म म…
क्या करूँ!
चल रहे वर्षों से हैं जिसके लिए वो दूर कितने जिंदगी के छोर हैं,सीधा रहे तो तेज थोड़ा चल सकूँ इस रास्ते में और कितने मोड़ हैं, सुनता हूँ सब भागते थक…
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