देशभक्ति मुझे और कुछ नहीं चाहिए... द्वारा - अशोक दोषी6 months ago तर्ज: मुझे तुम से कुछ भी न चाहिए मुझे कुछ भी और न चाहिए मेरे मुल्क का विकास हो-2मुझे कुछ भी और न चाहिए मेरे देश का विकास हो-2 &nbs... Like1pts (2) Comment (2) रंग दो... द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago रंग दो ननदी मेरी सुनी सुनी हथेलियाँ मेहंदी से लिख दो प्रीत की पहेलियाँ!टेसू के फूलों से रंग दो मेरी चुनरियाँ,फूलों की पंखुड़ियों से सज़ा दो गालियाँ!हल्दी-उबटन से महका दो अंग-अंग!माँ भारती! लाल के ... Like1pts (4) Comment (3) देश प्रेम प्रतियोगिता द्वारा - कनक पारख1 year ago रक्त बूँद का कतरा भी आए यदि देश के काम दूं मैं सभी देशवासी को यही पैगाम जीना , मरना भी हो मेरा वतन लिख दी सॉंसे मेरे हिंद के नाम। Like1pts (4) Comment (7) नफरती दौर द्वारा - Yogesh Awasthi1 year ago नफरती दौर में मोहब्बत की कुछ तो गुंजाइश हो इंसान के सब्र की न इतनी भी आजमाइश हो सियासत ने हमें हर वक्त आपस में लड़ाया हैदिखाना जो भी चाहा है वही हमको दिखाया है कभी मन्दिर कभी मस्जिद, कभी हम नाम पर ल... Like1pts (5) Comment (5) अनेकता में एकता द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्रतियोगिता देशप्रेम बहे प्रेम धारा'अनेकता में एकता, बहे प्रेम धारा, 'सत्यमेव जयते' हैं सिद्धांत हमारा,बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय,'वसुधैव कुटुम्बकं' सद्भाव हमारा।। चंचल जैन Like1pts (4) Comment जननी और तिरंगे का गौरव द्वारा - Ginu Jain1 year ago मिट्टी की महक, लहू में बसी, हर धड़कन कहे भारत सजी। जननी-जन्मभूमि से प्रेम अमर, तिरंगे के संग हर दिल का घर। Like1pts (3) Comment (2) तिरंगे के प्रति समर्पण द्वारा - Veena Jain1 year ago वीरों की कुर्बानी, देश का मान है,हर नागरिक का इसमें अभिमान है।भारत के लिए हर धड़कन समर्पित,तिरंगे संग जुड़े हमारा जीवन अर्पित। Like1pts (3) Comment (2) मेरा भारत महान द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्रतियोगिता के लिए देशभक्ति पर रचनाप्यारा, न्यारा भारत देश है मेरा, जगमगाता यह तेजस तारा, कुशल ज्ञानी विश्व विजेता,योग, ध्यान का है ये प्रणेता।।चंचल जैन Like1pts (3) Comment (2) प्यारा भारत देश.... द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago भाल पे चन्दन तिलक सी, हिमालय की उत्तुंग चोटियाँ !! हिम आच्छादित, शुभ्र धवल, गगनचुम्बी पर्वत श्रृंखला ! शिव जटा मे सुशोभित, नागीन सी भगीरथ क़ी प्रिय गंगा! कल कल बहती, सागर को म... Like1pts (3) Comment (5)