देशभक्ति

तर्ज: मुझे तुम से कुछ भी न चाहिए मुझे कुछ भी और न चाहिए मेरे मुल्क का विकास हो‌-2मुझे कुछ भी और न चाहिए मेरे देश का विकास हो‌-2 &nbs...
रंग दो ननदी मेरी सुनी सुनी हथेलियाँ मेहंदी से लिख दो प्रीत की पहेलियाँ!टेसू के फूलों से रंग दो मेरी चुनरियाँ,फूलों की पंखुड़ियों से सज़ा दो गालियाँ!हल्दी-उबटन से महका दो अंग-अंग!माँ भारती! लाल के ...
रक्त बूँद का कतरा भी आए यदि देश के काम दूं मैं सभी देशवासी को यही पैगाम जीना , मरना भी हो मेरा वतन लिख दी सॉंसे मेरे हिंद के नाम।
नफरती दौर
द्वारा - Yogesh Awasthi
1 year ago
नफरती दौर में मोहब्बत की कुछ तो गुंजाइश हो इंसान के सब्र की न इतनी भी आजमाइश हो सियासत ने हमें हर वक्त आपस में लड़ाया हैदिखाना जो भी चाहा है वही हमको दिखाया है कभी मन्दिर कभी मस्जिद, कभी हम नाम पर ल...
प्रतियोगिता देशप्रेम बहे प्रेम धारा'अनेकता में एकता, बहे प्रेम धारा, 'सत्यमेव जयते' हैं सिद्धांत हमारा,बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय,'वसुधैव कुटुम्बकं' सद्भाव हमारा।। चंचल जैन
मिट्टी की महक, लहू में बसी, हर धड़कन कहे भारत सजी। जननी-जन्मभूमि से प्रेम अमर, तिरंगे के संग हर दिल का घर।
वीरों की कुर्बानी, देश का मान है,हर नागरिक का इसमें अभिमान है।भारत के लिए हर धड़कन समर्पित,तिरंगे संग जुड़े हमारा जीवन अर्पित।
प्रतियोगिता के लिए देशभक्ति पर रचनाप्यारा, न्यारा भारत देश है मेरा, जगमगाता यह तेजस तारा, कुशल ज्ञानी विश्व विजेता,योग, ध्यान का है ये प्रणेता।।चंचल जैन
भाल पे चन्दन तिलक सी, हिमालय की उत्तुंग चोटियाँ !! हिम आच्छादित, शुभ्र धवल, गगनचुम्बी पर्वत श्रृंखला ! शिव जटा मे सुशोभित, नागीन सी भगीरथ क़ी प्रिय गंगा! कल कल बहती, सागर को म...