लघुकथा

नैतिक शिक्षा!
द्वारा - MOHAN SHARMA
5 months ago
मैं ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था कि तभी मेरा छोटा बेटा मेरे पास आकर बोला.. पापा चार दस्ते लाइन वाले पेपर चाहिए.... किसे.. मैंने पूँछा .. हमारे एक टीचर को चाहिए.... तो मैं कहाँ से लाऊँ.. मेरी कोई द...
शीर्षक : अपना नहीं...किसी का एक्सीडेंट हुआ है..बहुत भीड़ लगी हुई है..किसी को किसी वाहन ने टक्कर मारी है जिससे घायल एक नौजवान सडक के किनारे पड़ा दर्द से कराह रहा है..काफ़ी लोग मोबाइलों से विडिओ बनाने में ...
श्मशान की नीरवता को भंग करती आग की लपटें धूं धूं करती आसमान की ओर बढ़ रही थी! मन उद्विग्न था! सब से कम उम्र की बहन कैंसर से जंग हार कर समाधि मरण का वरण कर चूकी थी और हम सब जीवन की नश्वरता को महसूस कर ...
वो पक्की यारियाँ, वो दोस्ती की मजबूरियाँ, वो महकती केसर-क्यारियां किसे बताऊँ मैं ये कहानियाँ? इन्ही के भरोसे थी हमारी दुनिया! यादों के परिंदे जब तन्हाईयों में विशाल वटवृक्ष पर आ सो जाते हैं तो खुद से...
शुगर लेवल
द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
शुगर लेवल" बीबी जी, खानें में क्या बनेगा आज? छुट्टी का दिन है। वडा पाव, कचोरी, दही भल्ला बना दूं या नूडल्स, फ्राईड राईस?या रवा ईडली सांभर?" "कहो तो मेथी के थेपले और कच्चे टमाटर की चटणी?""अरे, मेर...
परीक्षा
द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
"कौनसी बोर्ड की परीक्षा है तेरी? आ जा, चिल मार यार।" भाविका मनुहार कर रही थी।" मम्मी ने टिफिन भरकर गाजर का हलवा भेजा है। यम्मी, टेस्टी...इतना स्वादिष्ट कि.....उंगलियां चाटती रह जायेगी।"सर्दी का ...
गलती सुधारनी होगी...आज उसने अपने पैतृक घर में कदम रखा। अपने माता पिता की इकलौती वारिस थी वह। कितना सुंदर, सुहावना था यह घर। अपने परिवार में ही रमी रही वह। कभी ध्यान ही नहीं दिया उसने। अपना भी तो ध्यान...
इंतजार
द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
" दद्दा, किसका इंतजार कर रहे हो आप?" बगीचे में बेठे रामदयाल जी से मैं ने पुछा," बहुत दिनों बाद आये हो पार्क में?"" सब कुशल मंगल?"" बडे भैया आये थे ना आपको लिवाने?"" बेटा.. उ...