मुक्तक

🌹शिकायत कैसी मोहन जो घाव दे गया कोई गुलाब..हमने तो ख़ुद से ही पसंद किया था वो कंटीला गुलाब.. 🌹
बहना भाई के रिश्ते का तो आधार राखी हैरक्षा सूत्र से बंधा हुआ है प्यार राखी हैपर्व पूजा कोई त्यौहार भी न कहिए राखी कोबहन और भाई का ईश्वर को बस आभार राखी हैतू चंचलता है घर की और अभिमान है बहनाहमेशा से म...
सदा आगमन नूतन संवत, लाता है आनन्द।गुड़ी पाड़वा उत्सव करता, जगत चाक़-चौबन्द।।अनुपम स्वरुप सृष्टि का देखो, भाएं जीव अपार।मन में 'मोहन वीणा' बजती, रचती सरसी छन्द।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई...
बेटियां
द्वारा - चंचल जैन
1 year ago
घर आँगन महकाती,बिटिया बाग बहार,कोयल के सुर ताल सी,रागिनी गीत झंकार,तितली सी मनचली,मन मोहिनी बेटियां,मनमंदिर की पावन,नाद निनाद सी बेटियां।।
मातृभूमि की शान, तिरंगा लहरायेगा |विश्वपटल पर मान, ज्ञान का दीपक देगा | शस्त्र-शास्त्र का ज्ञान, दुधारी अस्त्र बनेगा |शान्ति-मार्ग संज्ञान, जगत का बच्चा लेगा ||गुरुवर दे दो ज्ञान, करूँ पद पंकज पू...
अहिंसा भाव की बहेगी धारा मानवता का होगा उजियारा,दीपित सेवाधर्म संस्कार होगा,प्रेम, दया, करूणा का झंकारा।। विश्व शांति का सपना हो पूरा,जगती हो सद्भावना, भाईचारा,अलख सत्सेवा, परमानंद का,अहिंसा परमोधर्म...