मुक्तक गुलाब घाव दे गया.. द्वारा - MOHAN SHARMA5 months ago 🌹शिकायत कैसी मोहन जो घाव दे गया कोई गुलाब..हमने तो ख़ुद से ही पसंद किया था वो कंटीला गुलाब.. 🌹 Like1pts (3) Comment (1) राखी के चार मुक्तक द्वारा - Vikram Kumar11 months ago बहना भाई के रिश्ते का तो आधार राखी हैरक्षा सूत्र से बंधा हुआ है प्यार राखी हैपर्व पूजा कोई त्यौहार भी न कहिए राखी कोबहन और भाई का ईश्वर को बस आभार राखी हैतू चंचलता है घर की और अभिमान है बहनाहमेशा से म... Like1pts (2) Comment (3) सरसी छन्द... द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago सदा आगमन नूतन संवत, लाता है आनन्द।गुड़ी पाड़वा उत्सव करता, जगत चाक़-चौबन्द।।अनुपम स्वरुप सृष्टि का देखो, भाएं जीव अपार।मन में 'मोहन वीणा' बजती, रचती सरसी छन्द।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई... Like1pts (2) Comment (2) बेटियां द्वारा - चंचल जैन1 year ago घर आँगन महकाती,बिटिया बाग बहार,कोयल के सुर ताल सी,रागिनी गीत झंकार,तितली सी मनचली,मन मोहिनी बेटियां,मनमंदिर की पावन,नाद निनाद सी बेटियां।। Like1pts (4) Comment (7) रोला छन्द... द्वारा - कुसुम सुराणा2 year ago मातृभूमि की शान, तिरंगा लहरायेगा |विश्वपटल पर मान, ज्ञान का दीपक देगा | शस्त्र-शास्त्र का ज्ञान, दुधारी अस्त्र बनेगा |शान्ति-मार्ग संज्ञान, जगत का बच्चा लेगा ||गुरुवर दे दो ज्ञान, करूँ पद पंकज पू... Like1pts (5) Comment (4) अहिंसा भावना द्वारा - चंचल जैन2 year ago अहिंसा भाव की बहेगी धारा मानवता का होगा उजियारा,दीपित सेवाधर्म संस्कार होगा,प्रेम, दया, करूणा का झंकारा।। विश्व शांति का सपना हो पूरा,जगती हो सद्भावना, भाईचारा,अलख सत्सेवा, परमानंद का,अहिंसा परमोधर्म... Like1pts (3) Comment (6)