GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login रजिस्टर करें मुक्तक Enter Post Title Special characters are not allowed Special characters are not allowed. Except slash Special characters are not allowed. Except slash द्वारा - MOHAN SHARMA 5 months ago गुलाब घाव दे गया.. 🌹शिकायत कैसी मोहन जो घाव दे गया कोई गुलाब..हमने तो ख़ुद से ही पसंद किया था वो कंटीला गुलाब.. 🌹 द्वारा - Vikram Kumar 11 months ago राखी के चार मुक्तक बहना भाई के रिश्ते का तो आधार राखी हैरक्षा सूत्र से बंधा हुआ है प्यार राखी हैपर्व पूजा कोई त्यौहार भ... द्वारा - कुसुम सुराणा 1 year ago सरसी छन्द... सदा आगमन नूतन संवत, लाता है आनन्द।गुड़ी पाड़वा उत्सव करता, जगत चाक़-चौबन्द।।अनुपम स्वरुप सृष्टि का देखो... द्वारा - चंचल जैन 1 year ago बेटियां घर आँगन महकाती,बिटिया बाग बहार,कोयल के सुर ताल सी,रागिनी गीत झंकार,तितली सी मनचली,मन मोहिनी बेटियां,... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago रोला छन्द... मातृभूमि की शान, तिरंगा लहरायेगा |विश्वपटल पर मान, ज्ञान का दीपक देगा | शस्त्र-शास्त्र का ज्ञान... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago अहिंसा भावना अहिंसा भाव की बहेगी धारा मानवता का होगा उजियारा,दीपित सेवाधर्म संस्कार होगा,प्रेम, दया, करूणा का झंक...