नवीनतम पोस्ट << 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 >> Nov 4 गाये फाग गाये फाग नटखट मोहन, गोपी करते, होली का हुडदंग।धूम मची देखो गोकुल में, कान्हा बरसाये रंग।।प्रीत रंग में रंगे सारे, नवल रूप रच स्वांग।अलबेली ऋतु प्यारी, न्यारी, आओ गाये फाग।। द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 नारी को नमन नारी को नमन उनसे ही मिली जिंदगी है , और ये जीवन उनसे ही गुलजार यहां , ममता का चमन त्याग से उनके बड़ा न, कुछ जहां में है नारी दिवस पे दुनिया की हर नारी को नमन इतनी ममता से भरी दुनिया नहीं होती हम भी न होते... द्वारा Vikram Kumar ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (4) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 नारी देवी का रूप है नारी देवी का रूप है ममता की शीतल छाया , करुणा की मीठी धूप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है खुशियों को वो सदा बांटती खुद गम के आंसू पीती नारी वह जो खुद की नहीं और... द्वारा Vikram Kumar ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 बिनब्याही माँ भाग 1 बिनब्याही माँ भाग 1 रश्मि खुद को आईने में अपलक निहार रही थी.. वक्षस्थल और नितम्बो के अर्धगोलाकार उभार उसे आश्चर्यचकित कर रहे थे...चेहरे की स्वर्णिम आभा उसे उदयाचल के सूर्य की सुनहरी रश्मियों की याद दिला रही थी...उसके तेज... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (6) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 सुनो नारी सुनो नारी सुनो नारी नारी ही सृष्टि की निर्माता है तुम्हारी गोद में ही सम्पूर्ण विश्व समाता हैं,, तुम ही मां सरस्वती हो तुम ही लक्ष्मी हो तुम ही दुर्गा का रुप हो तुम ही बेटी हो तुम ही सहन हो तुम ही मा... द्वारा Harshita Vyas ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 >>