नवीनतम पोस्ट << 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 >> Nov 4 दोहे... दोहे... कतरा कतरा खून का, करूं वतन के नाम,विजय दिवस पर देश को, शत शत करूँ प्रणाम|कर स्वतंत्रता-कामना, हो बलिदानी शूर |कर दुश्मन का सामना, मिटा सभी नासूर ||उमड़-घुमड घन साँवरे, खेले खग दुत्कार |रजनी के शुभ प्रह... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहावली दोहावली मनोहर प्रकृति 1)आयी हैं रवि रश्मियां, तेजस सुंदर रूप।जग सारा चेतन हुआ, हल्की हल्की धूप।।2)इतराती कलियां खिली, पट घूंघट के खोल।गुनगुन करते भंवरे, जीवन में मधु घोल।।3)नील गगन में विचरते, पंछी गाये ... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहावली दोहावली दोहावलीप्राची से ले लालिमा, आयी हौले भोर।सृष्टि रूप मोहिनी सा, पंछी करते शोर।।बरसे बादल जोर से, नाचे वन में मोर।बूंद बूंद मोती झरे, होवे जिया विभोर।।डाल डाल जब डोलती, करे पुष्प बौछार।झूले पेडों पर पडे... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (6) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 'मैडम' से 'मदर इंडिया'... 'मैडम' से 'मदर इंडिया'... राजनीति की शतरंज का खेल अब रोमांचक मोड़ पर है! वक्त के साथ-साथ अब ‘मैडम’ के ‘हूजरे’ अंधभक्ति की नयी मिसाल पेश करते-करते माँ की आरती गाने लगे हैं ! कल तक उन्हें भरोसा था कि भारतीयों को ‘विदेशी’ का इतना ... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहावली दोहावली 1)तितली प्यारी सोहनी, सुंदर उसके रंग।बिना गिला छेडो नहीं, बदलो अपना ढंग।।2)कूके कोयलिया मधुर, मीठा स्वर निनाद।पके आम देखो सरस, मनभाये आस्वाद।।3)मिलती छाया पेड़ से, मीठे फल औ फूल।कलकल बहती ... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (5) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 >>