नवीनतम पोस्ट << 161 162 163 164 165 166 167 168 169 170 171 172 173 174 175 176 177 178 179 180 >> Nov 4 दोहे.... दोहे.... कठिन डगर हैं प्रेम की, काँटों की हैं राह| मधुर मिलन की चाह हैं, भूल जगत का दाह|| कठिन सदा हैं जीतना, चोटी पर स्थिर वास, हार-जीत में झूलते, अविचल रखना आस! मोर-... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (4) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहे... दोहे... कठिन डगर हैं प्रेम की, काँटों की हैं राह| मधुर मिलन की चाह हैं, भूल जगत का दाह|| कठिन सदा हैं जीतना, चोटी पर स्थिर वास, हार-जीत में झूलते, अविचल रखना आस! मोर-मोरनी बाग में, नाचे जग को भूल | ... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (4) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 अटलबिहारी.... अटलबिहारी.... गीत : अजातशत्रु अटल बिहारी! राजनीति के दलदल में खिलखिलाया कमल प्यारा, अजातशत्रु अटल बिहारी कर्मयोगी विमल न्यारा! कतरा-कतरा गर्म लहूँ में देशप्रेम था घुला-घुला! संसद का जर्रा-जर्रा ओजस्वी स्वर से त... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (4) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (3) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 स्वयंसिध्दा स्वयंसिध्दा स्वयंसिध्दाढल गयी उम्र, कुम्हलाये हम,कदम भी डगमगाने लगे अब।।सबके लिए हंसते- मुस्कुराते,जीते रहे जमाने के लिए।।चलते चलते दूर तक आयेथका तन-मन, पांव थके।।मिली फुरसत, थामी कलम,शब्दों की माला गुंथने लगे।।थ... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 होश.. होश.. खिले-खिले गुलाबी अधरों को चुम सोचा इश्क़ करूँ, चंपा-चमेली-महुआ मेहंदी रची हथेलियों पे धरूँ! होठों से जो पिलाई हमसफ़र, नशा अभी बाकी है.. जाम छलक गया मगर प्यार का खुमार बाकी है .... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (5) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 161 162 163 164 165 166 167 168 169 170 171 172 173 174 175 176 177 178 179 180 >>