नवीनतम पोस्ट << 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 >> Nov 4 "खालीपन" "खालीपन" "खालीपन"जब यह लिख रहा हु तो आँखों मैं आंसू भर आते हैं "खालीपन"जब मेरे दिमाग की नसे अकड़ाने लगे जब ये कम्बखत शरीर मेरा अकड़ने लगे जब ये मासूमियत का उदासियत का चेहरा खुद से मुक्सर हो जाए जब ये मेरी जवानी ... द्वारा Yatharth Puri ऑथरपॉड 6 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (4) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 वेनेजुएला से ग्रीनलैंड तक अमेरिका की बढ़ती दख़लअंदाज़ी और दुनिया के लिए ख़तरे की घंटी वेनेजुएला से ग्रीनलैंड तक अमेरिका की बढ़ती दख़लअंदाज़ी और दुनिया के लिए ख़तरे की घंटी इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी महाशक्ति की आर्थिक या राजनीतिक पकड़ ढीली पड़ने लगती है, वह अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए सबसे पहले संसाधनों पर क़ब्ज़ा जमाने की कोशिश करती है। आज अमेरिका उसी मोड... द्वारा Farman Abbas ऑथरपॉड 6 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 Makar Sankranti / Pongal / Bihu / Lohri - Celebration of Hindi Literature at ShabdKusum com LIVE SESSION Makar Sankranti / Pongal / Bihu / Lohri - Celebration of Hindi Literature at ShabdKusum com LIVE SESSION शब्दकुसुम - हिंदी साहित्य लाइव सत्र क्रमांक 12 - मकर संक्रांति स्वागत उत्सव आयोजन ऑनलाइन समारोह - चहकते शब्द कुसुम - Makar Sankranti - Online Celebrations 2026 -- Live ... द्वारा ShabdKusum Manager ऑथरपॉड 6 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 न जानें क्यों.... न जानें क्यों.... न जाने अरावली की इन गहरी खाइयों से मेरा क्या रिश्ता है? जब भी मैं कुंभलगढ़ के करीब बसे गांव सादड़ी में 'ताराचंद जी की बावड़ी' के पास आती हूं, इतिहास के पन्ने फड़फड़ाने लगते... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 2 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (8) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दर्शन: विषय बनाम जीवन — पाश्चात्य अकादमिकता और भारतीय सभ्यतागत दृष्टि दर्शन: विषय बनाम जीवन — पाश्चात्य अकादमिकता और भारतीय सभ्यतागत दृष्टि पाश्चात्य राष्ट्रों में दर्शनशास्त्र मूलतः एक एकेडेमिक डिसिप्लिन है, न कि जीवन जीने की पद्धति। वहाँ दर्शन को विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाने वाला एक विषय माना जाता है, ठीक वैसे ही जैसे इतिहास, समाजशास... द्वारा Ashwini Sharma ऑथरपॉड 6 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 >>