नवीनतम पोस्ट << 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 >> Nov 4 सूर घनाक्षरी छंद सूर घनाक्षरी छंद सूर घनाक्षरी छंदशीत ऋतु चली आई,कलियाँ ले अंगडाई,मनहर मनोरम,सृष्टि हरषाई।।बलखाती मनचली,ओढ चली अलबेली,चुनरिया सतरंगी,धरा इतराई।।थर थर कांपे गात,धुप लगती सौगात,शाॅल, स्वेटर, रजाई, ठंडी गरमाई।।मूली प... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 8 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दौहा छंद दौहा छंद नमन माँ शारदेदोहा छंदजोते मिट्टी प्रेम से, बोये बीज किसान।हलधर हिय हर्षित हुआ, देख डोलता धान।।चंचल जैन द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 8 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 फिर नयी पुकार... फिर नयी पुकार... कैसी है कश्ती और कैसे है किनारेन हम है तुम्हारे, न तुम हो हमारे,चाहत जो की थी वो गुमशुम है कब सेलगता है मोहब्बत की ही न हो तुमसे..देखे जो सपने, संजोके जो अपनेहकीकत में वो तो थे ही न अपने,जो समय ने दिय... द्वारा Kapil Tiwari ऑथरपॉड 8 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहे दोहे विधा: दोहा छंद।चल री बहना भंवरी, भरे कूप से नीर।घास-फूस की झोपड़ी, आँगन काग अधीर।।प्यासी गौ-माँ-श्वान भी , बुझा-बुझा सा ताप।कट-कट करते दाँत हैं, जीवन लगता शाप।।गड्डे खाली पेट के, नयन बहे हैं पीड़।भरी रा... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 8 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग ८६ ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग ८६ भाग ८६लाली की तबियत में अब कुछ-कुछ सुधार नज़र आ रहा था। दगड़ा बाई का कलेजा मुँह में आ गया था परसो अपनी एकलौती बेटी का हाल देख कर। आखिर इतना ज़िन्दगी से संघर्ष किस लिए था? अपनी बेटी का भविष्य उज्जवल हो इस... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 8 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 >>