नवीनतम पोस्ट << 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 >> Nov 4 ऋतु मतवाली ऋतु मतवाली ऋतु मतवालीसब मिलकर गाएं, गीत मीत सखियाँ।झूम रही डाली, रास रचे कलियाँ।।ऋतु है मतवाली, साथ पिया सजना।कजरारे नैना, हृदय प्रेम ... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 7 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 घनाक्षरी घनाक्षरी दुम क्यों दबाते हो।शक्ति को पहचानिए,खूब कौशल पाइए,दुम क्यों यूँ दबाते हो,साहस घूंट पीजिए।।पीछे पीछे आये कोई, शरारती आतताई,डटकर हो धुलाई,मजा आप लीजिए।।तंग करे राह चले,देख आप हो अकेले,जमकर हो पिटाई... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 7 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (3) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 *परिश्रम के परिणाम* *परिश्रम के परिणाम* न थकान, न परेशानलगातार करना है कामन दिन देखे, न रातसोचो और करो मन की बात,पहचान हमेशा तभी बनेगीजब मेहनत भरपूर होगी,चाहे मन कुछ भी कहेन करना तुम आराम,लगातार करना है काम...मन से ही सब कुछ हैइसके बिना जीव... द्वारा Kapil Tiwari ऑथरपॉड 7 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 अपने अपने कोई फर्क नहीं पड़ता जब अपने पास होते हैंजब वो दूर जाते है तब उनका एहसास हाता हैसब गिले सिकवे भूलकर सबको माफ कर दोक्योंकि खुशियों को सहेजने का अंदाज ही अलग होता है । द्वारा Kapil Tiwari ऑथरपॉड 7 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 सजगता! सजगता! विषय:सजगता सजग रहें हमेशा हम हो या आप, या और कोई, सजगता बहुत जरूरी ।सतर्क रहें,सचेत रहें, रहे समर्पित, संवेदी, बिन उसके तो मानों जिंदगी अधूरी ।अगर प्राप्त करनी हो&nb... द्वारा अशोक दोषी ऑथरपॉड 7 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 >>