नारी संवाद

हमारे समाज में अक्सर महिलाओं को मन से कमजोर माना जाता है, पर यह बिल्कुल सच नहीं है। महिलाएँ हमेशा से बहुत शक्तिशाली रही हैं। इस दुनिया में आदमी यह बात भूल जाते हैं कि उन्हें इस संसार में लाने वाली भी ...
विषय- कोहरा बनाम कोहराम विधा- संवादनिर्मला अपने बेटे आलेख को उठाते हुए: अरे बेटा आलेख जल्दी उठो,स्कूल जाने में देर हो जाएगीआलेख: झुंझलाहट में माॅं क्या तुम भी सुबह सुबह , तुम मुझे सोने...
लेकर एक नया रूप वो जब जब एक परिवार में आई है...हां.. वो एक बेटी... एक बहन.. एक पत्नी... या एक मां कहलाई है...वैसे तो सब लोगों की जिम्मेदारी है उसके कंधों पर.. लेकिन फिर भी वो रहती सब के लिए पराई है......
नारी!
द्वारा - Janvi Karyani
1 year ago
नारी होना भी एक अलग एहसास है...ना दिखने वाली कोई आदि शक्ति उसके पास है...हर नारी लगती तो साधारण पर बात सब में कोई ख़ास है...भेद होता आया साथ उसके, कल भी और आज है...कैसे भूल जाता है ये समाज कि ना...
नारी को नमन
द्वारा - Vikram Kumar
1 year ago
उनसे ही मिली जिंदगी है , और ये जीवन उनसे ही गुलजार यहां , ममता का चमन त्याग से उनके बड़ा न, कुछ जहां में है नारी दिवस पे दुनिया की हर नारी को नमन इतनी ममता से भरी दुनिया नहीं होती हम भी न होते...
ममता की शीतल छाया , करुणा की मीठी धूप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है खुशियों को वो सदा बांटती खुद गम के आंसू पीती नारी वह जो खुद की नहीं और...
सुनो नारी
द्वारा - Harshita Vyas
1 year ago
सुनो नारी नारी ही सृष्टि की निर्माता है तुम्हारी गोद में ही सम्पूर्ण विश्व समाता हैं,, तुम ही मां सरस्वती हो तुम ही लक्ष्मी हो तुम ही दुर्गा का रुप हो तुम ही बेटी हो तुम ही सहन हो तुम ही मा...
महिला दिवस प्रतियोगिता नारी ईश की अनुपम कृति है ईश अमूल्य उपहार । समग्र सृष्टि में नारी जैसा नहीं हुआ कोई सृजनहार। ममता, समता , स्नेह रंगों से किया जीवन का अमिट श्रृंगार।...
नारी है सृजन की धारा, नारी जीवन का आधार, नारी के बिन जग है अधूरा, नारी बिन सूना संसार। जब से सृष्टि ने आँखें खोली, तब से है उसका योगदान, ममता, शक्ति, प्रेम, करुणा, नारी है हर गुण की खान। ...
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रतियोगितामंज़िल मेरी दूर नहीं मुक्त हूं मैं रूढ़िवादी सोच से,उन्मुक्त नहीं।स्वतंत्र हूं अवांछनीय बंधनों से,स्वच्छंद नहीं।।संस्कारी मन, सुशील वर्तन, हौस...
विश्व का मौजूदा माहौल हमें अंतर्मुख कर बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर कर रहा हैं! क्यों विश्व की आधी से अधिक आबादी दो वक्त की रोटी के लिए तरस रही हैं, अत्याचार से कराह रही हैं और तथाकथित महाशक्तियाँ...
शाल-श्रीफल, तमगों-तोहफों का, खुमार अभी बाकी है!मय जो चढ़ी शोहरतों की, उतरनी अभी बाकी है!ढलते सूरज संग 'नारी-सम्मान' अंधियारे में गुम है!'ढाक के तीन पात' सा शोषण, उत्पीड़न, गुमसुम है!दरबारियो...
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस लेखन प्रतियोगितानारी नारायणीभारतीय संस्कृती नारी को परम प्रभु की सर्वश्रेष्ठ कृति मानती है। देवी-सा सम्मानित करती है। नारायण की नारी नारायणी है। पति की प्रिया, अर्धांगिन...
लाल-केसरिया रंग उछालती, आई मतवाली, चंचल शाम! अबीर, ग़ुलाल से रंगी चुनर, शरमाई राधा देख श्याम! अस्ताचल का रक्तिम सूरज, छुपा झुरमट के उस पार, अधरों पर ठहरी लोक-लाज अधीर मन की तकरार! कजरारे कान्ह...
झुकी-झुकी पेड़ों की डालियाँ, मोतियों सी धान की बालियाँ, लदी-लदी सूरजमुखी की टहनियाँ, खिली-खिली गुलाब की पंखुडियाँ, सृष्टी को दिलों-जाँ से जता रही हैं प्यार..... अच्छा लगता है। सुध-बुध खो चूका पूर...