नवीनतम पोस्ट << 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 >> Nov 4 हायकू हायकू नमन माँ शारदेहायकू रचना1)बरसी बूँदें,हर्षित मन मोर,आया सावन।2)तपती धूप,सुखे ताल-तलैया,बरसो मेघा।3)दया करुणा,मानवता भूषण,हो संभाषण।4) परम प्रभु,उपकार अनंत,दो धन्यवाद। 5)साथ निभाना,एकता फुलवार... द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (3) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 चन्दा मामा... चन्दा मामा... रात ने सितारों भरा आँचल, सर्द हवा में लहराया, रेत पे सोया नन्हा बालक, खिल-खिला कर मुस्कुराया!आँखें मलते-मलते बोला..चंदा मामा! चंदा मामा!! क्यों छुपा-छुपी खेलते... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग १२ ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग १२ भाग १२दीवाली की छुट्टियाँ अब ख़त्म होने को थी! वैदेही ने कुछ ख़रीदारी करने का मन बना लिया था! सुबह से वह दादर जाने का प्लान बना रही थी लेकिन माँ भीड़ में उसे ले जाने से कतरा रही थी.. अंत में उसने ऑनलाइन ... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 ये प्यार ही तो ज़िन्दगी.. भाग ११ ये प्यार ही तो ज़िन्दगी.. भाग ११ भाग ११मुम्बई का माटुँगा में स्थित कला, वाणिज्य तथा साइंस का नामचीन महाविद्यालय था वह जहाँ वैदेही और उसके सभी साथी पढ़ते थे। सब अलग-अलग क्षेत्र के छात्र थे लेकिन कला, संगीत और अभिनय के दीवाने! यह वह रेश... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 पाती! पाती! कमलदल पर लिख-लिख भेजू पाती यौवन की!निर्मोही! प्रेम में ठुकराना मत अर्जी जीवन की!आँगन की मुरझायी तुलसी,जूही कड़ी धूप में झूलसी!आँसू बहा रहा पारिजात,बाँट जोह रहीं विरहनी दिन-रात!पंखुडियों पर लिख-लिख भेजू... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 1 year ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (5) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 >>