नवीनतम पोस्ट 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 >> Nov 4 चौपाई छंद आधारित रचना! चौपाई छंद आधारित रचना! चौपाईचोरी कर बच निकला बन्दा।बढ़ चढ़ कहता दे दो चन्दा।कोतवाल खुद फिर कैसा डर।राम नाम का हूँ सौदागर।।अंदर-बाहर दूषित आनन।कलियुग का मैं भ्रमित दशानन।नरक लोक वासी मेरा तन।राम जन्म स्थल है अति पावन।।सेवक मन्... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 17 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 कुण्डलियाँ छंद कुण्डलियाँ छंद कुण्डलिया छंद!रघुवर का कर जाप तू , देता मन को शक्ति।पुरुषोत्तम प्रभु राम की, जन-जन करते भक्ति।जन-जन करते भक्ति, दर्श पा होते भावुक।कर्म बन्ध को तोड़, जोड़ता नाता नाजुक।सकल सत्कार-मान, मिले जो गुरु के ... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 17 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 रासावलय छंद रासावलय छंद नमन माँ शारदे🙏🙏रासावलय छंद आधारित गीत।रासावलय छंद: षटकल चौकल, षटकल पंचकल। पदान्त : 212,122,221दिनांक : 23-6-2026आस्था की चौखट, भगत भक्ति अपमान।प्रभु छवि कर धूमिल, करते क्यों अवमान।खुद उछाल कीचड़, रचा... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 23 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 पितृ-दिवस पर समर्पित रचना! पितृ-दिवस पर समर्पित रचना! कौन कहता है, छोड़ गए हो, अजनबी जहाँ में!बाप्पा! जिन्दा हो आप हमारे मन-मंदिर में! सृष्टि के ज़र्रे-ज़र्रे में !!माँ की नम आँखों में, झलकता अक्स आपका!घर के कोने-कोने से, प्रतिध्वनित होते शब... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 25 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 शब्दकुसुम प्लेटफ़ॉर्म पर मंजूषा दुग्गल द्वारा एक लाइव हिंदी कविताओं का सत्र Manjusha Duggal Ji Solo Live Poetry Session शब्दकुसुम प्लेटफ़ॉर्म पर मंजूषा दुग्गल द्वारा एक लाइव हिंदी कविताओं का सत्र Manjusha Duggal Ji Solo Live Poetry Session मुख्य बातें:मंजुषा दुग्गल का कविता सत्र तीन मुख्य विषयों को कवर करता है: गुरुअर्जुन देव जी की आध्यात्मिक मजबूती, वैश्विक संघर्ष की मानव लागत, औरकश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता।गुरु अर्जुन देव जी की बलिदान... द्वारा ShabdKusum Manager ऑथरपॉड 28 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 >>