नवीनतम पोस्ट << 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 >> Nov 4 महासती चन्दनबाला! महासती चन्दनबाला! नमन माँ शारदे! 🙏🙏🙏 आंजनेय/हनुमत छन्द! अजब नियति का यह लेखा। राजकुँवर-छल, दासी देखा।। शरणागत माँ शरीर त्यागा। वसुमति कर्म-भोग है जागा।। हाट-हाट बिक रही अभागी। गणिका अतिश... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 9 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 तुमने कहा था तुमने कहा था तुमने कहा था दिखाओ समर्थ बनकरशक्ति की प्रतिरूप बनकर परिभाषित करो खुद कोतुमने कहा था संयम धरो जीवन मेंमेरे बिना भी रह सकते हो, साबित करो खुद कोतुमने कहा था धैर्य की देवी बनोंशेरनी जैसी दहाड़ होनी चाहिए... द्वारा Sraboni Das ऑथरपॉड 9 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (3) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (4) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 क्या मानसिक शांति धन से प्राप्त हो सकती है? क्या मानसिक शांति धन से प्राप्त हो सकती है? #विषय क्या मानसिक शांति धन से प्राप्त की जा सकती है?विधा आलेखदिनांक 29/04/2025मेरा ख्याल है कि धन एक ऐसी चीज है जो आपकी बुनायादी आवश्यकताओं की पूर्ती करता है , और इसके अभाव में दुःख या ग्लानी तो... द्वारा अशोक दोषी ऑथरपॉड 9 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (2) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दोहे दोहे दोहे!माली सींचे बाग को, मोती निपजे जाण |देखा भूखा पूत को, हलधर निकले प्राण ||1||हलधर के घर धान हो, दूध, दही का जोग |आँगन गैया, श्वान हो, घर में छप्पन भोग ||2||घर कुबेर के अंगना, दीवाली की धूम |लक्ष्मी... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 9 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 महासती चन्दनबाला महासती चन्दनबाला नमन माँ शारदे! 🙏🙏🙏 आंजनेय/हनुमत छन्द अजब नियति का यह लेखा। राजकुँवर-छल, दासी देखा।। शरणागत माँ शरीर त्यागा। वसुमति कर्म-भोग है जागा।। हाट-हाट बिक रही अभागी। गणिका अतिशय बो... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 9 months ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (3) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े << 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 >>