नवीनतम पोस्ट 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 >> Nov 4 अरे मूढ़मति अरे मूढ़मति अरे मुढ़मति, बुद्धि की गागर भर।जीवन को स्थितप्रज्ञ रत्नाकर कर।।सुख-दुख जीवन-नैया के दो चप्पू।कर्म यज्ञ रख जारी, मत बन रे गप्पू।।मनुज जन्म दुर्लभ मनु कर भव पार।चुनौतियों से हौसला कभी मत हार।।अरे म... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 15 hours 37 minutes ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 वक़्त वक़्त अक्सर जब कोई व्यक्ति सेवानिवृत होता है तो वो अपनी बाकी की ज़िंदगी को गुजारने के जाने कैसे कैसे सपने देखता है | अपने मन की इच्छाओं आकांछाओं को व्यक्त करते हुए वो वक़्त से क्या कहता है .. कुछ स्वरच... द्वारा chandra katyal ऑथरपॉड 4 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 कुंदन कुंदन सोना तप कुंदन हो जाएं।बेशकीमती वह कहलाएं।।कर्मों से सार्थकता पाएं।मानवता का दीप जलाएं।। द्वारा चंचल जैन ऑथरपॉड 9 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (2) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment (1) पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 दो पैरों वाला प्राणी दो पैरों वाला प्राणी दो पैरों वाला ये प्राणी है जन्मों जन्मों का शातिर | इसने रब का खेल बनाया छल के मंसूबों की खातिर || रब जो यत्र तत्र मिलता था भोले चेहरों पर खिलता था | मीठी वाणी सुथरे मन में अविरल गंगा सा... द्वारा chandra katyal ऑथरपॉड 9 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े Nov 4 माया-मोह माया-मोह माया-मोह के बन्धन में, सपनों का संसार।क्रोध-अहम् की आँधी, भड़का रही अंगार।।स्वार्थ-दम्भ के सायों से, रिश्तों को लगा ग्रहण।शिकवे-गिलों की होड़ में, नेह का हुआ क्षरण।।दो प्रेमी दिलों के बिच, दो ध्रुवों के... द्वारा कुसुम सुराणा ऑथरपॉड 10 days ago कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Like (1) कृपया पंजीकरण करे और आपका योगदान दे| Comment पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 >>