ज़िंदगी के किस्से ज़िन्दगी द्वारा - chandra katyal21 hours 11 minutes ago यह धूप छाँव से भरी ज़िंदगी जितनी खूबसूरत है उतनी ही गहरी और जटिल भी | इसी सिलसिले में कुछ स्वरचित पंक्तियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ | ... Like1pts (1) Comment दो मिंनट की ख़ुशी द्वारा - Priyanka Suresh2 months ago गर्मी के मौसम में अचानक ,काफी सालो बाद एक ऐसी शख्सियत जिसे में जानती तो हु पर नाम भूल चुकी थी वो मेरी क्लासमेट थी | पर कुछ बॉन्डिंग ऐसी थी जो बया नहीं हो सकती थी उसने मुझे ८ सालो बाद स्कूल टाइम ब... Like1pts (2) Comment (1) अपने द्वारा - Kapil Tiwari7 months ago कोई फर्क नहीं पड़ता जब अपने पास होते हैंजब वो दूर जाते है तब उनका एहसास हाता हैसब गिले सिकवे भूलकर सबको माफ कर दोक्योंकि खुशियों को सहेजने का अंदाज ही अलग होता है । Like1pts (2) Comment (2) वसंत ऋतु द्वारा - Sanjivani Aphale11 months ago वसंत ऋतु: आज फरवरी 1 बसंती हवा के साथ इस महीने का भी आगमन हो गया। बसंती हवा! इस शब्द को लेकर मन में कई प्रश्न आ रहे हैं कुछ सही लग रहे हैं और कुछ विसंगत से। आज जब सुबह उठी तो मन से कुछ समय चर्चा में ... Like1pts (1) Comment (2) उत्सव! द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago लम्हा-लम्हा जिंदगी,हथेलियों में समेट,खिलखिलाया किजिए!बेवजह गिले-शिकवे,रुठने-मनाने में,गंवाया न किजिए!देहरी पे जलते,अदना से दीये को,अनदेखा न किजिए!प्यार के लफ़्ज़ों को,धागे में पिरो कर,फिज़ा महका दिजिए... Like1pts (2) Comment (3) Theme : 7 : दिल: बातें दिल की द्वारा - Richa Malhotra1 year ago तुम दिल के अज़ीज़ हो या मेरा दिल ही हो तुम...तुम्हें इतना प्यार मैं ही करूं या प्यार के काबिल ही हो तुम...तुम्हें ढूंढती हर जगह हूं क्यूं जब मेरे हर ख्याल में शामिल ही हो तुम...तुम्हे करूं बेइंतिहा मो... Like1pts (2) Comment (3) जादु की झप्पी.. द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago काहे बजाओ कान्हा मुरली की धुन?चली कालिंदी तट राधा सुन प्रीत-धुन!जादू की झप्पी दो जगत तारणहार!अमिरस से जीवन-घट भरो पालनहार!राधा करे विनती, मोरी पूरी करो आस,मन ही मन हँसे श्याम, कैसी यह प्यास!श्याम में ... Like1pts (3) Comment (5) वादा.. द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago कैसे कहूं मन की बातें,शब्दों से परे मुलाकाते!सुहाने दिन, महकती राते! वो चाँद का छेड़ना आते-जाते!कैसे भूलूं वो हसीन वादें,चांदनी रात में भीगी-भीगी यादें!होंठ सिले-सिले, वो मीठी फरियादें,वो साथ जीने... Like1pts (3) Comment (2) टेड़ी.... द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago मयूर जैसे बारीश की फुहारों का इंतज़ार करता है वैसे ही वह फ़ोन का इंतज़ार कर रही थी। फ़ोन की रिंग बजी और गीत की धुन बजने लगी, "आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जगह....उसने फ़ोन उठाया। चॉकलेट की मिठास अभी ज... Like1pts (2) Comment (3) दिल चाहता है... द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्यार के रंगप्रतियोगिता के लिए (7)दिल चाहता है...दिल पर कहां होता है किसी का पहरा,कौन रोके सके उडते बादल आवारा?मन की पांखें जो भरने लगी ऊंची उड़ान,छू लेती नभ को, पा लेती अपना आसमान।।दिल चाहता है... Like1pts (3) Comment (2) चौकलेट द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago जीवन उतार-चढ़ाव में न हो कभी खटास,काजु-किसमिस-चौकलेट की हो मिठास!रिश्ते पे न हो कभी छल-कपट का मुल्लमा,स्फटिक सा मन, विश्वास-समर्पण हो बलमा!स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई Like1pts (3) Comment (3) मां, लौट आओना मां... द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्यार के रंगप्रतियोगिता के लिए (6)मां, लौट आओना मां।हरपल मां साये की तरह साथ होती हो,चिलचिलाती धूप में, कंपकंपाती ठंड में।।आपका मार्गदर्शन, जीवनपथ करता आलोकित,आपकी यादों के दीप महकाते आत्मियता प... Like1pts (2) Comment (2) प्रपोज... द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago क्यों वक़्त-बेवक़्त चले आते हो?दिल के द्वार पर देते हो दस्तक?चुरा लेते हो नींदे अक्सर,पीछे छोड़ते हो यादों का बवंडर!क्या बनोगे मेरे दिल की धड़कन? सजाओंगे मेरे ख़्वाबों का उपवन?क्या आँखों में होगी तेरी... Like1pts (2) Comment रोज.. द्वारा - कुसुम सुराणा1 year ago डार्लिंग! रोज-रोज रोजी को रोज मंगता!दिल-विल छोड़ो, लाल-लाल गुलाब मंगता।यारा! दिलदारा! तेरी बाहों का हार मंगता,होठों की छुअन, नशीला मय का जाम मंगता!स्वरचित तथा मौलिक Like1pts (2) Comment (1) वादा हमारा द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्यार के रंगप्रतियोगिता के लिए (5)वादा हमाराकभी खुशी, कभी गम का साया,रहेंगे साथ सनम, बनकर छाया।निभाया शिद्दत से है वादा हमारा,दिल में आप हरपल रहते हो पिया।।ढलती गयी उम्र, हुई संध्या बेला,चाहत न ... Like1pts (4) Comment (5) गुलाब द्वारा - सविता शर्मा1 year ago प्रतियोगिता #प्यार के रंग #दिन शुक्रवार 7 फरवरी 2024 #विषय गुलाब #कहानी स्वरचित अप्रकाशित श्रद्धा आज सुबह से सभी को देख रही थी ।आज रोज डे था। सभी गुलाब लिए अपने प्यार का इजहा... Like1pts (3) Comment (4) प्यार के रंग (4) द्वारा - चंचल जैन1 year ago प्रतियोगिताप्यार के रंग (4)टेडी'टेडी' सबका प्रिय मित्र है। मेरी बेटी को तो बहुत ज्यादा पसंद है। पहली बार जब दो साल की थी, नीलम भुआ जी उसे टेडी दिया था, जिसे गोदी में लेकर उसने लोकल में अपना सफर क... Like1pts (4) Comment (3) मातृत्व सुख द्वारा - चंचल जैन1 year ago चाॅकलेट प्यार के रंग (3)नन्हे को गोद में लेते ही मां बनने की जो मीठी अनुभूति मिली, उससे मीठा कोई पल हो ही नहीं सकता।गुलाबी गुलाबी चेहरा, छोटे छोटे हाथ पांव।आंखों में जैसे सारे संसार की मासूमियत। ... Like1pts (3) Comment (1)12