GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login रजिस्टर करें कहानियां Enter Post Title Special characters are not allowed Special characters are not allowed. Except slash Special characters are not allowed. Except slash द्वारा - KUMKUM KUMARI 4 months ago My adventure novel: hero kon इस कहानी की शुरुआत एक पुरानी डायरी से होती हैं जिसमें एक छोटा लड़का राहुल ओर उसके पिता समीर के quest... द्वारा - Govind Pandit 7 months ago तेरी चाहत यह मुकाम दे गई... ऑफिस के लिए निकलते हुए शशांक ने मेरे गालों पर... द्वारा - SUSHIL JOSHI 1 year ago मौन और उसका महत्त्व किसी ने कहा है “मन तो है भिखमंगा ,सदैव माँगना ही है उसका धंदा” इस उक्ति से हमें क्या पता चलता ... द्वारा - Manthan Deore 1 year ago आत्मसाहस खिलखिलाता हुआ भानुमती का चेहरा पिछले कई दिनों से उदास था। हमेशा दूसरों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने क... द्वारा - चंचल जैन 1 year ago फिर वह कौन था.... तो फिर वह कौन था...सोलह शृंगार कर अपने साजन से मिलने व्याकुल कामिनी नदिया तट पर कौशल का इंतजार कर रह... द्वारा - Manthan Deore 1 year ago अधूरा इश्क - अनोखी शर्त रिधिमा आज बहुत खुश थी, इतने सालों की मेहनत जो रंग आयी थी। अपने पिता से किया हुआ वादा उसने पूरा कर लि... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago दूरियाँ तानिया क्या तुमने इस बच्चे को देखा न जाने कहाँ पड़ा रहता है, जब - जब मैं उसे बुलाता हूँ कोई न कोई बह... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago मासूम जिन्दगी रवि ने अभी- अभी दसवीं पूरी कर ली थी। अपने प्रदेश में उसने जिले में टॉप किया था। अपने चाचा के लड़के क... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago प्यासे रंग जब जब उसे देखता हूँ तो मुझे अंजली की याद आ जाती है, बिल्कुल ऐसी ही तो थी वो, नशीली निली - निली... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago नयी राह दो साल हो चले थे रेहान को इस कंपनी में नौकरी करते हुए, लेकिन अंदर से कुछ कमी - सी महसूस हो रही थी। ऐ... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago त्याग मत उठाओ उसे, मत बातें करो उससे। आज उसका आखिरी चरण का इम्तिहान है। मैं नहीं चाहती कि वह मुझे इस हालत ... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago अनोखा मिलन कितना सहज था उसका यह कहना कि मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकता, मैं निबाह नहीं सकता। शुरूआती दौर में ... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago अनोखा मिलन कितना सहज था उसका यह कहना कि मैं अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकता, मैं निबाह नहीं सकता। शुरूआती दौर में ... द्वारा - MANTHAN DEORE 1 year ago गहरे भाव दो घंटे हो चुके थे, गिरीश को घर आकर लेकिन वह एक स्तब्ध मूर्ती स्वरूप अपने सोफे पर बैठा रहा। ... द्वारा - KT Girl 2 year ago Only in Your Arms Chapter - 1 सिटी हॉस्पिटल में ``` "आयु बेटा रोना बंद करो बच्चा।ओर अपनी मम्मा से प्... द्वारा - KT Girl 2 year ago Only in Your Arms Chapter 1 Chapter - 1 सिटी हॉस्पिटल में ``` "आयु बेटा रोना बंद करो बच्चा।ओर अपनी मम्मा से प्र... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago जीवन दीप! दूरदर्शन पर पद्म पुरस्कार अलंकरण समारोह का थेट प्रक्षेपण हो रहा था! सब्जी काटते-काटते मैं कार्यक्रम ... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago अंतरिक्ष की सैर अंतरिक्ष की सैरसौमित्र और सखी को हमेशा रोमांचक, साहसपूर्ण सफर अच्छा लगता। कभी दोनों हाथों में हाथ ध... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago नयी भोर नयी भोर रेखा अपने हमसफर के साथ मुंबई आयी थी। नयी नवेली दुल्हन, प्रिय साजन का हाथ थाम, आ... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago गुरुदक्षिणा! "बाई! माझं पोर लई द्वाड आहे! मायेच्या पदरा खाली घ्यालं का त्याला? लई उपकार होतील तुमचे!" ए... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago जीवन दीप! दूरदर्शन पर पद्म पुरस्कार अलंकरण समारोह का थेट प्रक्षेपण हो रहा था! सब्जी काटते-काटते मैं कार्यक... 1 2