GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login रजिस्टर करें आध्यात्मिक Enter Post Title Special characters are not allowed Special characters are not allowed. Except slash Special characters are not allowed. Except slash द्वारा - Ashwini Sharma 6 months ago दर्शन: विषय बनाम जीवन — पाश्चात्य अकादमिकता और भारतीय सभ्यतागत दृष्टि पाश्चात्य राष्ट्रों में दर्शनशास्त्र मूलतः एक एकेडेमिक डिसिप्लिन है, न कि जीवन जीने की पद्धति। वहाँ ... द्वारा - अशोक दोषी 12 months ago भगवान नेम नाथ! "वो वंदनीय हुए युगों तक "...जैन धर्म के २२ वें तीर्थकर अहिंसा उपासक परम चिंतक, परम ध्यानी, के... द्वारा - SUSHIL JOSHI 1 year ago कर्म की शक्ति और रहस्य गोस्वामी तुसलीदास रामायण में कहते हैं, कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करई सो तस फल चाखा। ग... द्वारा - हरवंश हृदय 1 year ago राम 🎍🚩🕉️🚩🎍कभी जलधि के सम्मुख तनकर क्रोध अग्नि से निखरे रामगोद में रख अनुज लखन को बिलख बिलख कर बिखरे... द्वारा - कुसुम सुराणा 1 year ago माँ कात्यायनी! नमस्तस्यै... नमस्तस्यै... माँ कात्यायनी! नमस्तस्यै!शक्ति पुंज तू, समर भवानी!आदिशक्ति तू, माँ कल्याणी... द्वारा - कुसुम सुराणा 1 year ago माँ जगदम्बा! चैत्र मास वासंतिक आया , शुभारम्भ है खास।तेजस स्वरूप माँ जगदम्बा, जागी मन में आस।।खल संहारक मात भवानी... द्वारा - Vikram Kumar 1 year ago चैत्र नवरात्र -अम्बे मां सुख समृद्धि जग की खातिर लेकर आई अम्बे मांचैत्र मास जो आया तो हर ओर है छाईं अम्बे मांचंद्र मुकुट माथे... द्वारा - Janvi Karyani 1 year ago “महाकुंभ" “महाकुंभ"बाहर से गंगा स्नान और ... द्वारा - Vikram Kumar 1 year ago महाकुंभ सनातन का मान और प्रचार महाकुंभ हैदेवर्षियों का तप है और विचार महाकुंभ हैजमावड़ा संतों का होता है बड़... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago गुरु! गुरु बिन ज्ञान कहां से पाऊ?अज्ञान तिमिर कैसे हर जाऊ?गुरु बिन कहाँ मिले है रिद्धि?सुवर्ण तपा जगमगाए ज... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago शुभारम्भ! नवरात्रि का हुआ शुभारंभ, रुण झुण करती आओ माँ!शारदीय नवरात्री का हुआ शुभारम्भ,नौ दुर्गा स्वरूप, ... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago कमल-कुसुम... उजालों का प्रण लिए, रात भर जलता रहा दीया, स्नेह रीता-रीता, झेलता रहा दुनिया की दुश्... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago सखी... आचार्य श्री जी के मुखारविंद से जैसे ही साध्वी तेजस्विता जी का नाम साध्वीप्रमुखा के तौर पर जाहिर किया... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago राम... राम बसे मोरे मन मंदिर में जैसे दूध-शहद ! राम छवि मोरे मन दर्पण में जैसे पूनम-शरद! कौशल्यास... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago पागल मनवा... शीर्षक : पागल मनवा! पागल मनवा! क्यों अटका है मोहजाल में? तेरे जाने के बाद, पल-दो... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago मित्रता! शीर्षक : मित्रता! इतिहास के पन्नों पर अंकित मित्रता का प्रतिमान है, कृष्ण-सुदामा की मित्रता द्वारक... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago देवकीनंदन देवकीनंदन! कंस की चीत्कार से कांपे, मथुरा कारागार के गलियारें! देवकी-वासुदेव के अंत:स में&... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago श्री गणेशाय नमः। वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघनम कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा।।