द्वारा - चंचल जैन
9 days ago
सोना तप कुंदन हो जाएं।बेशकीमती वह कहलाएं।।कर्मों से सार्थकता पाएं।मानवता का दीप जलाएं।।
       

द्वारा - Vishal Chauhan
1 months ago
लबों पर नाम है, पर कह नहीं पाता,दिल के इस शोर को, किसी से नहीं जता पाता।वो साथ चलती है त...
       

द्वारा - अशोक दोषी
5 months ago
विषय - सूझबूझविधा - लघुकथा बात बहुत पुरानी है,शादी के तीन महीने बाद मंगला मायके आती है,  ज...
       

द्वारा - अशोक दोषी
6 months ago
बुधवार 28 जनवरीविषय-संघर्ष कहानी अभी तक उर्मिला की शादी को पच्चीस साल हो चुके थे,बहुत ही कुलीन ...
       

द्वारा - अशोक दोषी
7 months ago
लघुकथा उद्योगपति पिता का इकलौता पुत्र, नाम उसका कौशल, कौशल अपने नाम अनुरूप शालीन व होनहार तो था...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
7 months ago
शीर्षक : मोल!पिंजरे में कैद 'मुषक' को देख मैंने राहत की साँस ली। कई दिनों से इस मुषक परिवार ने मेरे ...
       

द्वारा - चंचल जैन
9 months ago
आया हैं जो जीव जगत में, जाएगा।सत्यार्थी जीने वाला सुख, चाहेगा।शूलों से चुग लेगा कलियाँ, संज्ञानी --...
       

द्वारा - अशोक दोषी
9 months ago
दिनांक:१६-१०-२०२५विषय: चित्रा भिव्यक्ति विधा :लघुकथा जतिन  क़रीब कोई होगा दस बारह साल...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
10 months ago
शीर्षक : आशियाना!रघु का घर! घर कहाँ बचा था? सिर्फ मलबा ही तो था! घर तो कब के दफ़न हो चूके थ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
10 months ago
गुरुदेव का प्रवचन धाराप्रवाह चल रहा था।एक-एक शब्द मानों ओस के बूंदों की शीतल बौछार! मधुर, मीठी आमिरस...
       

द्वारा - अशोक दोषी
10 months ago
नमन मंचशब्द कुसुम विषय- उल्लास /आस्था दिनांक- 24/9/25यह कथा बिल्कुल काल्पनिक है यह मेरा स्...
       

द्वारा - Manthan Deore
11 months ago
एक वही चीज तो है, जो मेरे दिल के बहुत करीब है। आज तक बहुत से किस्से सुनें वरन महसूस करे। इस एक बात स...
       

द्वारा - Pankaj Bindas
11 months ago
बालकाल में एक बार भरत जी दौड़े-दौड़े माता कौशल्या की गोदी में जा बैठे, महल में तीनों रानियों...
       

द्वारा - Manthan Deore
11 months ago
 दिपांशी की नजर बार- बार दरवाजे और घड़ी की आवाज पर बारी बारी उठ रही थी। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ ज...
       

द्वारा - अशोक दोषी
11 months ago
नायाब रिश्ते....बम्बई निवासी,मध्यम वर्गीय,ईमानदार, कह दो कि बड़ा नेक,मेहनतकश ,ऐसा कहो कि सर्व गुण सम...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
11 months ago
शीर्षक : आओगे न भैया....आओगे न भैया....हाथों में हाथ लिए चुने थे जहाँ परिजात, उसी आँगन में फले-फूले ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
11 months ago
"दादी! बहुत बिजी हो गया हूं मैं! फाइनल एग्जाम चालू हो गए हैं मेरे! यश भईया कब आ रहा है 'नानी हाऊस'? ...
       

द्वारा - अशोक दोषी
12 months ago
#विषय जीवन में संघर्षं का महत्व #विधा लघुकथाबम्बई निवासी,मध्यम वर्गीय,ईमानदार, कह दो कि बड़ा ने...
       

द्वारा - चंचल जैन
1 year ago
नवांकुर पोषण करे प्रेम नमीं,संयम, समर्पण, विश्वास जमीं।।चंचल जैन
       

द्वारा - चंचल जैन
1 year ago
पेड़ लगाओ यहां वहां,हरियाला हो सारा जहां।।बरसे सावन झूम-झूम,सृष्टि रूप सजे अनुपम।।चंचल जैन
       

द्वारा - चंचल जैन
1 year ago
नमन माँ शारदेहायकू रचना1)बरसी बूँदें,हर्षित मन मोर,आया सावन।2)तपती धूप,सुखे ताल-तलैया,बरसो मेघा।3)दय...
       
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