द्वारा - कुसुम सुराणा
13 hours 7 minutes ago
अरे मुढ़मति, बुद्धि की गागर भर।जीवन को स्थितप्रज्ञ रत्नाकर कर।।सुख-दुख जीवन-नैया के दो चप्पू।कर्म यज्...
       

द्वारा - chandra katyal
4 days ago
अक्सर जब कोई व्यक्ति सेवानिवृत होता है तो वो अपनी बाकी की ज़िंदगी को गुजारने के जाने कैसे कैसे सपने द...
       

द्वारा - chandra katyal
9 days ago
दो पैरों वाला ये प्राणी है जन्मों जन्मों का शातिर | इसने रब का खेल बनाया छल के मंसूबों की खातिर...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
10 days ago
माया-मोह के बन्धन में, सपनों का संसार।क्रोध-अहम् की आँधी, भड़का रही अंगार।।स्वार्थ-दम्भ के सायों से, ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
25 days ago
कौन कहता है, छोड़ गए हो, अजनबी जहाँ में!बाप्पा! जिन्दा हो आप हमारे मन-मंदिर में! सृष्टि के ज़र्रे...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
अब वो रातरानी से महकते अहाते कहाँ? तेरे आगोश में सजती-सँवरती बातें कहाँ?  अब वो मोहब्...
       

द्वारा - अशोक दोषी
1 months ago
करूं आज मैं आरती तेरीधर के घृत मन दीपतेरे चरणों में शीश झुकाऊं,-2रख मोहे चरण समीपहे जी रे मैनें -२नत...
       

द्वारा - ShadbKusum Admin
1 months ago
कल आदरणीय अशोक दोशी जी का एकल लाइव काव्यपाठ सत्र है। वार शुक्रवार, दिनांक 12 जून 2026, रात 8:00 बजे ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
डस गई है नागिन, मची चीख-पुकार।महंगाई की मार, आम आदमी बेजार।।अन्नदाता के पीठ पर, पड़ी कोड़ों की मार।हाल...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
अकेलेपन के अंधेरों में,भटकता प्रवासी मजदूर,घर से दूर, थक कर चूर,मजदूर, कितना मजबूर!दो वक़्त रोटी की ख...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
नमन माँ शारदे🙏🙏रासावलय छंद आधारित रासावलय छंद: षटकल चौकल, षटकल पंचकल पदान्त : 212,122,221दिना...
       

द्वारा - Manoj Kumar Yakta
1 months ago
चंदा मोहे न सोहे, इस तन्हाई मेंलौटा दे तू उसे, इस जुदाई में कर दे कम दूरी मेरी...या रख ले तू...
       

द्वारा - Satyam Maurya
2 months ago
दुनिया में गूंजी होगी जब पहली आवाज वह गूंज किसने सुनी होगी कैसा रहा होगा मंजर जिसने भी सुनी होगी...
       

द्वारा - अशोक दोषी
2 months ago
दिनांक २७-५-२०२६विषय: लोभ मोह में उलझा मानव१६ १४ में प्रयास किया है विधा :ताटंक छंद लोभ मो...
       

द्वारा - अशोक दोषी
2 months ago
तर्ज:केवट ने कहा रघुराई से      प्रभु पार्श्व तुम्हारे चरणों में ...
       

द्वारा - अशोक दोषी
2 months ago
तर्ज:आशुतोष शशांक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,  आदिनाथ अरिहंत मेरे।    &n...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 months ago
शीर्षक : प्यार भी क्या बला है....प्यार भी क्या बला है,कभी ऑनलाइन, कभी ऑफलाइन वाला चुटकुला है!शोडशी स...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 months ago
हँसगति छंद :मात्रा भार 4 4 2 1 3 2 4 शीर्षक : कर्म योग! धर्म-कर्म का योग, कठिन है यारों।&...
       

द्वारा - अशोक दोषी
2 months ago
विधा दोहें #दिनांक;२०/०५/२६चले तेज लू आंधियां, पड़े जोर का ताप।मुश्किल में खग मनुज पशु,&nb...
       

द्वारा - अशोक दोषी
2 months ago
मैं पूछूं प्रभुवर....  मैं पूछूं प्रभुवर महावीर से ,   कब ज्ञान मिलेगा मुझे...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 months ago
माँ के लिए क्या लिखूं मैं,माँ की ही लिखावट हूँ मैं।माँ के गुणगान क्या करूँ मैं,माँ की ही खिलखिलाहट ह...
       
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