GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login रजिस्टर करें दोहे Enter Post Title Special characters are not allowed Special characters are not allowed. Except slash Special characters are not allowed. Except slash द्वारा - कुसुम सुराणा 5 months ago दोहे! . दोहा: मुक्तकडोर किसी के हाथ में, नाचे कोई और।जीवन का सच जान ले, कर ले उस पर गौर।।मेहनती... द्वारा - कुसुम सुराणा 7 months ago दोहे! नमन माँ शारदे🙏🙏दोहा छंद!शब्द : अभ्यास!रखो निरंतर भावना, करों सतत अभ्यास।दृढ़ मन की यह चाहना, देती अ... द्वारा - कुसुम सुराणा 7 months ago अंतिम इच्छा! मेरी भावना:दोहे!मुझे जला मत मानवी , दफ़ना मत प्रिय आज।बाद मौत के खोल दो, अंगदान का राज।।मृत्यु ... द्वारा - कुसुम सुराणा 8 months ago रोला छंद रोला छंदविषय : मौलिक सपने सुन्दर देख, मनुज तू अपने दम पर।लिख तू अपना लेख, कोशिशों के ही बल पर।।... द्वारा - कुसुम सुराणा 8 months ago दोहे विधा: दोहा छंद।चल री बहना भंवरी, भरे कूप से नीर।घास-फूस की झोपड़ी, आँगन काग अधीर।।प्यासी गौ-माँ-श्वान... द्वारा - कुसुम सुराणा 9 months ago दोहे दोहे!माली सींचे बाग को, मोती निपजे जाण |देखा भूखा पूत को, हलधर निकले प्राण ||1||हलधर के घर धान हो, द... द्वारा - कुसुम सुराणा 10 months ago दोहे! दोहे द्वारा - कुसुम सुराणा 12 months ago आम आदमी और नेता! नहीं योग्यता चाहिए, ऐसा सेवा धर्म।बढियाँ है नेतागिरी, पूर्ण समय का कर्म।।कुर्सी चालीसा पढ़े, ज्ञानी ब... द्वारा - कुसुम सुराणा 12 months ago दोहे! भवन नया है देख लो, लोकतंत्र का दीप।संसद सक्षम देश की, सांसद मोती सीप।।जन गण प्रतिनिधि हैं सभी, जनता ... द्वारा - कुसुम सुराणा 1 year ago कुण्डलिया छन्द - श्रमिक! अविचल राही मार्ग का, चलता कंटक भूल |संभल-संभल चल श्रमिक, पथपर पत्थर-धूल ||पथपर पत्थर-धूल, कोहरा जग म... द्वारा - कुसुम सुराणा 1 year ago कुण्डलिया छन्द कुंडलिया छन्द में...1.मीरा गिरधर को भजे, भूली सारा काज |तानपुरा ले गा रही, जोगण मीरा आज ||जोगण मीरा ... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago सिहरी छंद सिहरी छंदमनोहर प्रकृति,सुंदर सृष्टि, प्रभु उपकार,अद्भुत शिल्पकार। श्रमसाध्य सफलता,ज्ञान कौशल गौ... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहावली जन सेवा की कामना, जीव दया का भान। खिलते फूलों सी महक, मेरी है पहचान।।पायल की छमछम भरे, मन में प... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहा भारत माता का करे, सकल विश्व सम्मान।हो सपूत श्री राम से, वचन पूर्ति का ध्यान।। द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहा गाथा शूर शहीद की, सुन कहानियां नित्य। शीश चरण अपना झुके, तेजस वे आदित्य।।चंचल जैन द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago दोहे... कतरा कतरा खून का, करूं वतन के नाम,विजय दिवस पर देश को, शत शत करूँ प्रणाम|कर स्वतंत्रता-कामना, हो बलि... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहावली मनोहर प्रकृति 1)आयी हैं रवि रश्मियां, तेजस सुंदर रूप।जग सारा चेतन हुआ, हल्की हल्की धूप।।2)इतरात... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहावली दोहावलीप्राची से ले लालिमा, आयी हौले भोर।सृष्टि रूप मोहिनी सा, पंछी करते शोर।।बरसे बादल जोर से, नाचे... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago दोहावली 1)तितली प्यारी सोहनी, सुंदर उसके रंग।बिना गिला छेडो नहीं, बदलो अपना ढंग।।2)कूके कोयलिया ... द्वारा - कुसुम सुराणा 2 year ago दोहे... मनवा चंचल हैं बड़ा, वानर सम हैं काम| दौड़े घोड़े सा बहुत, रख ले हाथ लगाम||मंजिल तेरी दूर है... द्वारा - चंचल जैन 2 year ago रोला छंद छोटी सी हो बात, बतंगड़ नहीं बनाना।कोई झोला छाप, सीख दे, हो न फ़साना।।लोग तमाशा देख, मजा लेते फो... 1 2