द्वारा - कुसुम सुराणा
5 months ago
. दोहा:  मुक्तकडोर किसी के हाथ में, नाचे कोई और।जीवन का सच जान ले, कर ले उस पर गौर।।मेहनती...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
7 months ago
नमन माँ शारदे🙏🙏दोहा छंद!शब्द : अभ्यास!रखो निरंतर भावना, करों सतत अभ्यास।दृढ़ मन की यह चाहना, देती अ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
7 months ago
मेरी भावना:दोहे!मुझे जला मत मानवी , दफ़ना  मत प्रिय आज।बाद मौत के खोल दो, अंगदान का राज।।मृत्यु ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
8 months ago
रोला छंदविषय : मौलिक सपने सुन्दर देख, मनुज तू अपने दम पर।लिख तू अपना लेख, कोशिशों के ही बल पर।।...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
8 months ago
विधा: दोहा छंद।चल री बहना भंवरी, भरे कूप से नीर।घास-फूस की झोपड़ी, आँगन काग अधीर।।प्यासी गौ-माँ-श्वान...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
9 months ago
दोहे!माली सींचे बाग को, मोती निपजे जाण |देखा भूखा पूत को, हलधर निकले प्राण ||1||हलधर के घर धान हो, द...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
10 months ago
दोहे 
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
12 months ago
नहीं योग्यता चाहिए, ऐसा सेवा धर्म।बढियाँ है नेतागिरी, पूर्ण समय का कर्म।।कुर्सी चालीसा पढ़े, ज्ञानी ब...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
12 months ago
भवन नया है देख लो, लोकतंत्र का दीप।संसद सक्षम देश की, सांसद मोती सीप।।जन गण प्रतिनिधि हैं सभी, जनता ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 year ago
अविचल राही मार्ग का, चलता कंटक भूल |संभल-संभल चल श्रमिक, पथपर पत्थर-धूल ||पथपर पत्थर-धूल, कोहरा जग म...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 year ago
कुंडलिया छन्द में...1.मीरा गिरधर को भजे, भूली सारा काज |तानपुरा ले गा रही, जोगण मीरा आज ||जोगण मीरा ...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
सिहरी छंदमनोहर प्रकृति,सुंदर सृष्टि, प्रभु उपकार,अद्भुत शिल्पकार। श्रमसाध्य सफलता,ज्ञान कौशल गौ...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
जन सेवा की कामना, जीव दया का भान। खिलते फूलों सी महक, मेरी है पहचान।।पायल की छमछम भरे, मन में प...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
भारत माता का करे, सकल विश्व सम्मान।हो सपूत श्री राम से, वचन पूर्ति का ध्यान।।
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
गाथा शूर शहीद की, सुन कहानियां नित्य। शीश चरण अपना झुके, तेजस वे आदित्य।।चंचल जैन
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 year ago
कतरा कतरा खून का, करूं वतन के नाम,विजय दिवस पर देश को, शत शत करूँ प्रणाम|कर स्वतंत्रता-कामना, हो बलि...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
मनोहर प्रकृति 1)आयी हैं रवि रश्मियां, तेजस सुंदर रूप।जग सारा चेतन हुआ, हल्की हल्की धूप।।2)इतरात...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
दोहावलीप्राची से ले लालिमा, आयी हौले भोर।सृष्टि रूप मोहिनी सा, पंछी करते शोर।।बरसे बादल जोर से, नाचे...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
1)तितली प्यारी सोहनी,  सुंदर उसके रंग।बिना गिला छेडो नहीं,  बदलो अपना ढंग।।2)कूके कोयलिया ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 year ago
मनवा चंचल हैं बड़ा, वानर सम हैं काम|   दौड़े घोड़े सा बहुत, रख ले हाथ लगाम||मंजिल तेरी दूर है...
       

द्वारा - चंचल जैन
2 year ago
छोटी सी हो बात,  बतंगड़ नहीं बनाना।कोई झोला छाप, सीख दे, हो न फ़साना।।लोग तमाशा देख, मजा लेते फो...
       
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