द्वारा - कुसुम सुराणा
11 days ago
बाला छंद (वर्णिक छंद)3 रगण +गुरु = 10 वर्ण (212 212 212 2)रात में तारिका है लुभाती।चांदनी में न...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
16 days ago
(मनहरण घनाक्षरी छंद पर आधारित )शीर्षक : मन!मनुज जनम पाया,सत्य मार्ग अपनाया प्रभु को मन में ध्या...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
17 days ago
चौपाईचोरी कर बच निकला बन्दा।बढ़ चढ़ कहता दे दो चन्दा।कोतवाल खुद फिर कैसा डर।राम नाम का हूँ सौदागर।।अंद...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
17 days ago
कुण्डलिया छंद!रघुवर का कर जाप तू , देता मन को शक्ति।पुरुषोत्तम प्रभु राम की, जन-जन करते भक्ति।जन-जन...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
23 days ago
नमन माँ शारदे🙏🙏रासावलय छंद आधारित गीत।रासावलय छंद: षटकल चौकल, षटकल पंचकल। पदान्त : 212,122,221दिना...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
"बिखरते रिश्ते, सिमटते लोग"बिखर रहे रिश्ते, सिमट रहे घर-द्वार।मानवीय गुण का, बचा नहीं आधार।मनुज मनुज...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
महामंगला छंद आधारित अष्ठकल + 111, अष्ठकल + 21रच्चणहारे सकल, सृष्टि मातु के नाथ।मिट्टी से कर सृज...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
1 months ago
रासावलय छंद आधारित गीत रासावलय छंद ( षटकल चौकल, षटकल पंचकल ) फूलों को तितली, दे चुम्बन सौ ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 months ago
रासा छंद आधारित रचना!शीर्षक : वीरा!धरती-अम्बर को अब जोड़ो।आशाओं के  गुल्लक  फोड़ो।।बजने ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
2 months ago
नमन माँ शारदे!🙏🙏पुष्पमाला छंद (वारातागा ) गीत!फूल सा खिलना यहाँ।गौरवान्वित हो जहाँ।।सूर्य को जो ...
       

द्वारा - चंचल जैन
3 months ago
नमन माँ शारदेकलाधर घनाक्षरीदंभ द्वेष अग्नि तेज, ज्वाल स्वार्थ सोच हेज, दुष्ट भाव से विनाश, भ्रांत बु...
       

द्वारा - चंचल जैन
3 months ago
नमन माँ शारदेअरुण छंदमोद से, उल्लसित, भाव हिय शांति का।मेल से, मन मिले, अंत हो भ्रांति का।।प्रेम ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
3 months ago
नमन माँ शारदे!🙏🙏महामंगला छंद।गीत।शीर्षक : भरतार!रह जाती है सजन, मन की मन में बात।बैरी सारी प्रकृति...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
3 months ago
पुष्पमाला छंद मापनी २१ २२२ १२दिनांक : 24-04-2026शीर्षक : समरांगणविश्व समरांगण सजा।शंख रण में ...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
3 months ago
नमन मा शारदे 🙏🙏अरुण छंद, गीत सादर समीक्षार्थ! विघ्न का , दम्भ का,  अन्त  खल   राज  का...
       

द्वारा - चंचल जैन
3 months ago
सम्राज्ञी सुर लय की आशा।तोडा आतम तन का पाशा।।सूना  साज  मन  निराशा रे।हैं  श्रद्...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
3 months ago
महामंगला छंद आधारित रचना।खो कर अपना वतन, देगा कैसे धीर।देख राष्ट्र का पतन, बढ़ी मनुज की पीर।युद्ध नाश...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
5 months ago
नमन माँ शारदे 🙏🙏हंसगति छन्द 11+94 4 (21), 3242+2 समतुकान्त।सपने सारे आज, हुएं हैं सच्चे।...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
5 months ago
अरुण छंद।आँधियाँ, जब चली, लौ बुझी दीप की।जंग  है, ज्वार  से,  यह लहर-सीप की।।तोड़ दो, ...
       

द्वारा - चंचल जैन
6 months ago
नमन माँ शारदेरासा छंदवंदन    मातु-पिता   चरणों   में।आशीर्वाद  &n...
       

द्वारा - कुसुम सुराणा
6 months ago
नमन माँ शारदे!🙏🙏छंद महल( 16+14)चौपाई चरण+ चौदह मात्रा।यदि दो गुरु है तब कुकुभ।  यदि दो लघु व ...
       
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